जमशेदपुर: सरायकेला-खरसावां जिले के आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र से जुड़ी कंपनियों में उत्पादन प्रभावित होने की खबर सामने आई है। उद्योग जगत से जुड़े लोगों का कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकाला गया तो इसका असर बड़े उद्योगों, खासकर टाटा मोटर्स की सप्लाई चेन पर भी पड़ सकता है। इससे पूरे औद्योगिक क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियां प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।
औद्योगिक इकाइयों में उत्पादन धीमा
आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र झारखंड के प्रमुख औद्योगिक केंद्रों में से एक माना जाता है, जहां बड़ी संख्या में छोटे और मध्यम उद्योग संचालित होते हैं। इन इकाइयों में ऑटोमोबाइल कंपनियों के लिए जरूरी पुर्जों और अन्य उत्पादों का निर्माण किया जाता है। उद्योग से जुड़े उद्यमियों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से कई इकाइयों में उत्पादन की रफ्तार धीमी पड़ गई है, जिससे आपूर्ति व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
सप्लाई चेन पर पड़ सकता है असर
औद्योगिक क्षेत्र की कई कंपनियां टाटा मोटर्स सहित अन्य बड़ी कंपनियों को पुर्जों और उत्पादों की आपूर्ति करती हैं। ऐसे में यदि उत्पादन प्रभावित होता है तो इसका सीधा असर सप्लाई चेन पर पड़ सकता है। उद्योग प्रतिनिधियों का कहना है कि यदि समय रहते समस्या का समाधान नहीं हुआ तो उत्पादन पूरी तरह ठप होने की स्थिति भी बन सकती है।
श्रमिकों की आजीविका पर भी असर
आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र में हजारों श्रमिक और कर्मचारी काम करते हैं। उत्पादन में गिरावट आने से मजदूरों और कर्मचारियों की रोज़गार सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ने लगी है। उद्योग संगठनों का कहना है कि यदि उद्योगों में कामकाज प्रभावित होता है तो इसका असर श्रमिकों की आय और स्थानीय अर्थव्यवस्था पर भी पड़ेगा।
सरकार से हस्तक्षेप की मांग
उद्योगपतियों और उद्योग संगठनों ने सरकार और प्रशासन से इस मामले में जल्द हस्तक्षेप करने की मांग की है। उनका कहना है कि उद्योगों के सुचारू संचालन के लिए आवश्यक संसाधनों और व्यवस्थाओं को सुनिश्चित किया जाना चाहिए, ताकि उत्पादन सामान्य रूप से जारी रह सके और क्षेत्र की औद्योगिक गतिविधियां प्रभावित न हों।
क्षेत्र की अर्थव्यवस्था के लिए अहम है औद्योगिक क्षेत्र
विशेषज्ञों का मानना है कि आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र सिर्फ जमशेदपुर ही नहीं, बल्कि पूरे झारखंड की अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यहां से तैयार होने वाले उत्पाद देश की कई बड़ी कंपनियों तक पहुंचते हैं। ऐसे में औद्योगिक गतिविधियों में किसी भी तरह की रुकावट से व्यापक आर्थिक असर देखने को मिल सकता है।


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